मन

मन ही मनुष्‍य के बंधन और मोक्ष का कारण है। विषयासक्‍त मन बंधन के लिए है और निर्विषय मन मुक्‍त हो जाता है। -- ब्रहबिंदु उपनिष्‍द

2 टिप्‍पणियां:

teena ने कहा…

man hi to ek pal me la deta hai tuphan vash mai agar ho jaye to kar deta hai kalyan.

प्रेम सरोवर ने कहा…

आपकी प्रस्तुति अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट "लेखनी को थाम सकी इसलिए लेखन ने मुझे थामा": पर आपका बेसब्री से इंतजार रहेगा । धन्यवाद। .