बुराईयां

अपने दिल दिमागक के थोड़े से भी हिस्‍से से आप बुराईयों को निकाल बाहर कीजिए तुरन्‍त उस स्‍थान को सृजनात्‍मकता भर देगी। -- डी हाक
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