सीखने की इच्छा


सदा जागरमानानं अहोरत्तानु सिक्खिनं निब्बानं अधिमुत्तान अत्थं गच्छंति आसवा । - शास्‍त्र वाणी


( जो सदा जागरुक रहते है और हर समय सीखने की इच्छा रखते है वही सत्य की थाह ले सकते है)  
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