बुधवार, नवंबर 02, 2011

मानवीय मूल्‍य

आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम और ईमानदारी तथा उच्‍च मानवीय मूल्‍यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बन सकता है। ------ स्‍वामी विवेकानन्‍द
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