मधुरता और उत्‍साह

मनुष्‍य तब तक थकता नहीं है जब तक उसके जीवन में मधुरता और उत्‍साह बना रहता है, हृदय में महत्‍वाकांक्षा बनी रहती है और मन में कार्यशाक्ति का प्रवाह बहता रहता है। --- स्‍वेट मार्डेन 
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