सोमवार, अप्रैल 01, 2013

सीमायें

सीमायें हमारी सोच में होती है। अगर हम  अपनी कल्‍पना शक्ति का उपयोग करते है तो हमारी संभावानायें अनंत हो जाती है। --- जेमी पाओलिनेटी 
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