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अंतरात्‍मा

अपनी अंतरात्‍मा के साथ युद्ध करना चाहिए। बाहरी शत्रुओं से युद्ध करके क्‍या लाभ। आत्‍मा के द्वारा ही आत्‍मा को जीतने वाला पूर्ण सुखी रहता है। --- महावीर स्‍वामी 

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