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धर्म

क्‍या व्‍यक्तिगत और स्‍थानीय धर्म को राष्‍ट्रीय धर्म से ऊंचा स्‍थान नहीं देना चाहिए। इन धर्मों को ठीक से अनुपात में रखना ही सुख और समृद्धि लाता है। --- स्‍वामी रामतीर्थ

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