सम्‍भावना

जब तक कोइ्र व्‍यक्ति अपनी सम्‍भावनाओं से अधिक कार्य नहीं करेगा तब तक उसके द्वारा वह सब कुछ नहीं किया जा सकता जो वह कर सकता है। --- हेनरी ड्रमॉन्‍ड
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