रविवार, फ़रवरी 02, 2014

मन्दिर

मनुष्‍य ही परमात्‍मा का सर्वोच्‍च साक्षात मन्दिर है। इसलिए साकार देवता की पूजा करो। --- स्‍वामी विवेकानन्‍द 
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