इच्‍छा

मनुष्‍य अपनी इच्‍छा से कुछ भी नहीं कर सकता क्‍योंकि काल का पराधीन होने के कारण वह इधर से उधर होता रहता है। --- वाल्‍मीकि रामायण 
एक टिप्पणी भेजें