शुक्रवार, दिसंबर 12, 2014

शास्‍त्र

यदि शास्‍त्र सब व्‍यक्तियों के लिए, सब परिस्थितियाें में, सब समय उपयोगी नहीं हो तो फिर वे किस काम के --- स्‍वामी विवेकानन्‍द 
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