महिलायें

महिलायें आश्चर्यजनक हैं। ऐसे बर्ताव करती है मानो सबकुछ अच्छा है। उस बिंदु पर भी जब दुनिया उनके कन्धों पर हो और जीवन उँगलियों की कोर से फिसल रहा हो। -- महात्मा गांधी

एक टिप्पणी भेजें